03:30 PM | 27-03-2020

I have a lot of stomach pains and pimples on the face during the menstrual period, is there any solution for this?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

04:10 PM | 27-03-2020

Hello User,

We understand the pain that you are going through.

Menstrual cycle is regulated by hormones - estrogen & progesterone. If there is toxic overload in the body, it can prevent these hormones from performing their routine functions. The toxic overload can happen due to stress, lack of sleep, inadequate hydration, high intake of acidic foods, etc.  Following holistic ways of eating well, relaxing your body and mind will help you deal with the pain. You will also be able to get rid the pimples you get during this time of the month, as this too, is hormone related.

Our Natural Health Coach can look into your routine in a more comprehensive way and give you an action plan. You can explore our Nature-Nurtures Program for the same.  If interested, you can reach out to us. 

We encourage you to take charge of your health. Be inspired by Women’s Health stories in our Journey's section 

how i got freedom from chronic pain menstruation issues

We wish you all the best for your good health.

Team Wellcure

11:49 AM | 30-03-2020

Hello Bhagyashree, 

The prime reason for menstrual cramps is a deficiency of haemoglobin. When our body does not have a good blood supply, it squeezes the uterus with more pressure, which causes the cramps. It is time to start with some iron-rich diet. Having the right type of food helps a lot in dealing with menstrual irregularities and pain.

Pimples, though it is predominantly put pressure on hormonal cycle it has a lot of connection with the diet. Hence, following a pattern which is light in nature and rich in nutrients is what you need.

The main thing here is, it should be about everything, food, meditation, sleep and exercise which amalgamates for good health.


The first thing in the morning is to start your day with something light in nature. Easy to digest is what your breakfast should be because they are the kind of nutrients that get absorbed easily. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water which will help in flushing out all the toxins.

The ideal diet would be to depend on fruits and raw vegetable intake for at least one month and refrain from something oil-based.

  • Food rich in iron is very helpful like dates, jaggery water, spinach are very much helpful. With iron consumption, things that have vitamin C for example, putting lemon in legumes will be helpful as they help in decreasing menstrual cramps.
  • Use papaya as a snack of fruits to decrease menstrual cramps, menstrual cramps can be worked well with vitamin-rich food.

Trying these face packs will help you in having acne-free skin:

1. Papaya pulp with orange powder should be mixed together and applied on the face, alternately every two days. This will help in reducing acne and giving a glow.

2. Wash your face in the morning with one tablespoon neem powder and one teaspoon turmeric. This will helps as anti-bacterial action and reduce acne.


  • Pranayam helps in detoxifying the body. Practising it early morning in an area which has good sunlight will help in improving blood circulation.
  • Suryanamaskar, daily 12 sets will help in increasing the blood circulation of your body.
  • Bound angle pose, head to knee forward pose, child's pose should be practised before the session of suryanamaskar, holding each pose for 15-20 seconds helps to relieve cramps. (Please do under expert supervision)


In any kind of disease, stress comes complementary to it. But with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleeping with the help of music to stay positive. In a room take a bowl of water and add two-three drops of orange or lavender essential oil. This will help in soothing you and the aroma will relax you and keep you away from any kind of disease.

Use a 15-minute relaxation technique before sleep by hearing a piece of soothing music and deep breathing will help in relaxing your mind.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Giving pelvic massage to oneself with coconut or almond oil is important to increase blood circulation and relieve cramps.


Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem. Sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body. During sleep, our body goes into a repair mechanism where it heals itself.

Hopefully, these suggestions will help you.

Thank you.

11:49 AM | 30-03-2020


कारण - शरीर में पोषक तत्वों की कमी से पीरियड्स के दौरान दर्द की समस्या हो सकती है। गलत जीवनशैली व खान-पान इसका अहम कारण है। किसी तरह के संक्रमण के कारण भी मासिक धर्म के समय दर्द की समस्या हो सकती है।

मासिक धर्म के दौरान जरूरत से ज्यादा रक्त का बहाव या फिर ठीक तरह से रक्त का बहाव न होने से भी दर्द की परेशानी हो सकती है। पीरियड्स के दौरान हॉर्मोन्स में होने वाले बदलाव भी दर्द का कारण बन सकते हैं। इसीलिए इस दौरान मुंहासे भी निकल आते हैं।

पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को गैस की परेशानी भी होती है और वो भी पीरियड्स के दौरान दर्द की एक वजह होती है मासिक धर्म में ज्यादा शारीरिक कार्य नहीं करना चाहिए, लेकिन कोई व्यायाम या शारीरिक कार्य न करने से भी पीरियड्स के दौरान दर्द की समस्या हो सकती है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाकर पूरी तरीके से स्वास्थ्य पाया जा सकता है।

समाधान- 1. पेट और चेहरे पर खीरा और नीम के पत्ते का पेस्ट 20 मिनट तक लगाकर छोड़ें। मुहांसे खत्म होंगे और पेट के दर्द में आराम होगा।

दौड़ लगाएं, योग करें, प्रणायाम करें। इससे रक्त और ऑक्सीजन का संचार प्रॉपर हो पाएगा तो दर्द में कमी आएगी।

2. हरे पत्ते का जूस आपको बहुत फायदा करेगा कोई भी हरा पत्ता दूब घास, बेलपत्र या पालक के पत्ते का जूस खाली पेट में 200 ml पिएं।

3. खाना खाने से घंटा पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद पेट पर गिला कपड़ा लपेटकर रखें ऐसा करने से हाजमा दुरुस्त होगा।

हफ्ते में 3 दिन एकदम में पानी भरे नाभि तक वह पानी रहना चाहिए उसमें बैठे 20 मिनट बाद उसे बाहर निकले यह आपके गर्भाशय को स्वच्छ करने में मुख्य भूमिका निभाएगा। हफ्ते में 3 दिन मेरुदंड स्नान करें एक गीला तोलिया बिनानी निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और अपनी रीढ़ की हड्डी से लेकर कंधे तक का हिस्सा यानी अपनी पूरी रीढ़ की हड्डी को गीले तौलिए पर रखें 20 मिनट बाद वहां से उठ जाए।

जीवन शैली-  1आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से पेट पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।





प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator

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