Q&A
01:54 PM | 20-11-2020

I have chest pain and acidity problem. I have done blood testing, it is normal. Could you please suggest if any other testing is required?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

11:18 AM | 23-11-2020

Hello Manjunath,

Acidity is a condition that is characterised by heartburn that is felt in the lower chest area. It is a common condition that occurs when the acid in the stomach flows back to the food pipe. It is also known as acid reflux. The most common symptom of acidity is burning sensation in chest and pain. Usually, people don't realize the fact that the wrong lifestyle and wrong eating choices are the reasons for this acidity. By making small changes in our lifestyle and eating habits, we can manage the problem.

Foods to eat

  • Start the day with 3 to 4 glasses of warm water. This will help to eliminate the toxins out of the body. 
  • Eat one amla daily as it will help to keep your digestive system good.
  • Drink green tea twice a day, one in the morning on an empty stomach and the other at night before sleeping. 
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices. 
  • Include salads, sprouts, nuts, and beans in your diet. 
  • Eat fresh fruits and green leafy vegetables. 
  • Drink plenty of water throughout the day to be hydrated and to eliminate the toxins out of the body. 

Foods to avoid- 

  • Avoid carbonated drinks as they will increase the problem of acidity.
  • Avoid dairy products and animal foods. 
  • Avoid tea and coffee. 
  • Avoid processed, packaged, oily, and spicy foods. 

Exercise 

Being physically active is very important for a well functioning digestive system. A sedentary lifestyle may also lead to acidity.

  • Start the day with a short morning walk. 
  • Perform pranayam, specially anulom-vilom and kapalbhati pranayam. 
  • Do tada asana, gomukha asana, trikona asana, padahasta asana. 
  • Take the early morning sun rays daily. 

Sleep

Lack of sleep and stress may also lead to acidity. Hence, having proper sleep is important as it helps to reduce the stress levels also.

So, take proper sleep of at least 7-8 hours daily. Sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am. 

Thank you 



12:11 PM | 23-11-2020

Dear Manjunath,

Thanks for sharing your concern with us and we do empathise with your pain. For chest pain, it is advisable to rule out the possibility of any health condition that may need immediate medical intervention. You may want to consult a medical professional for the same.

For acidity, we would like to share the Nature Cure perspective with you. The human body works towards maintaining its pH or acid-alkaline balance. It functions optimally when the pH of the blood is slightly alkaline (around 7.36-7.42). Acidity occurs because of an increase in the acid levels in the bloodstream. Acidic residues get built up because of wrong food habits as well as non-food elements. Stressful situations and negative emotions may be acid-producing in the body. By becoming mindful and taking corrective action to get our body back in-sync with nature – food, sleep, rest, react, etc. the balance is automatically restored and we can prevent and heal our health issues. We would thereby encourage you to adopt a natural lifestyle to deal with your condition. This will help you cleanse your body from within and weight loss comes as a pleasant side-effect of this process. You can explore our Natural Health Coaching Program that helps you in making the transition, step by step.

Here are a few resources that you may find useful:

  1. Health Journeys of people who made lifestyle changes and managed their acidity problem 

  2. Body Wisdom blogs:

Wishing you all the best!

Team Wellcure



12:11 PM | 23-11-2020

हेलो,
कारण - खाना जो देर तक पचता नहीं है और शरीर के अंदर काफी लंबे समय तक सड़ रहा होता है उसके वजह से अम्ल की अधिकता हो रही है। आपके आहार से पाचन तंत्र को पोषण नहीं मिल रहा है। पाचन तंत्र कमजोर हो गया है। इसलिए पाचन क्रिया ठीक प्रकार से नहींं हो पा रहा है। अपने शरीर को ना चेक करें बल्कि अपने आदतों को चेक करें।

प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार जीवन शैली में परिवर्तन करते ही आप पूर्ण स्वस्थ  हो सकते हैं।

समाधान -1.  प्रतिदिन दौड़े और योग और प्राणायाम करें।

2. अपने पेट को हमेशा साफ रखें यदि ऐसा अपने आप नहीं हो रहा है तो एनिमा का छोटा रूप टोना लें जिससे कि आंतों की टोनिंग हो जाएगी।

3. आपका एक मुख्य आहार केवल कच्ची सब्जियों के सलाद से बना हुआ होना चाहिए। जिसमें कि नमक और नींबू का प्रयोग ना करें नमक नींबू का प्रयोग करने से सलाद की औषधीय गुण नष्ट हो जाते हैं। कच्चे सलाद को पेट भर के खाए उसके साथ पका हुआ खाना ना ले पका हुआ खाना अलग दूसरे टाइम पर ले जैसे लंच में सलाद ले लिया तो डिनर में ही पका हुआ खाना ले। सुबह की शुरुआत अल्कलाइन जूस लें। जितना हो सके कच्चे हरे पत्तों का जूस छानकर पिए। जैसे पालक, दूब घास, बेलपत्र, धनिया पत्ता, तुलसी का पत्ता इन्हें अलग-अलग टाइम पर पीसकर 200ml पानी मिलाकर छानकर पीएं खाली पेट इन पत्तों का जूस बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। यह रक्त को शुद्ध करेगा।

 4. 20 मिनट सूर्य की रोशनी में अपने शरीर को रखें सिर और आंख को किसी सूती कपड़े से ढक करके 5 मिनट बैक 5 मिनट फ्रंट 5 मिनट लेफ्ट 5 मिनट राइट साइड धूप लगाए। धूप लेट कर लगाने से ज्यादा फायदा करता है।

ऐसा करने से शरीर में पल रहे विषाणु मूर्छित हो जाएंगे।

 5.  पेट के ऊपर एक गिला कपड़ा लपेट कर रखें 20 मिनट तक उसको लपेटे रखें इससे आंत को ठंडक पहुंचेगी और विषाक्त कणों को निष्कासन में मदद मिलेगा।

6. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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