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Q&A
10:56 AM | 23-11-2020

Hi Team, even though we know that all fruits and vegetables heal any diseases including chronic illnesses. But Allopathic doctors say avoid sour things, in fact sour fruits are big healers many people say that. As I am having Vitiligo is it recommended to have Citrus fruits like Orange,Lemon and Pineapple, Papaya etc? What should be avoided to heal or reverse these kind of Chronic illnesses. Suggestions and advice needed here. Thanks and Regards.


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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2 Answers

12:09 PM | 24-11-2020

हेलो,
कारण - प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार किसी भी क्रॉनिक डिजीज में एसिड कम करके एल्कलाइन की मात्रा को बढ़ाना आवश्यक है। सििट्रस फ्रूट में एसिड की मात्रा अधिक होता है और शरीर में भी एसिड एल्कलाइन की तुलना में अधिक रहता है। इसलिए सिट्रस फ्रूट्सस मना करतेे हैं मगर शरीर की  आंतरिक सफाई हो जाने केे बाद सिट्रस फ्रूट भी लियाा जा सकता।
सफेद दाग एक ऐसा विकार होना, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) खुद रंग उत्पादन करने वाली कोशिकाओं (Melanocytes) को नष्ट कर देती है। शरीर मेंं अम्ल की अधिकता से ऐसा होताा है। पाचन तंत्र स्वस्थ ना तो अम्ल की अधिकता हो जाती है। शरीर में  स्वास्थ्य की कमी होने पर एसिड को कम कर एल्कलाइन की मात्रा बढ़ाना आवश्यक होता है। इसलिए सिट्रस फ्रूट ना ले करके कम सिट्रस फ्रूट ले। एक वक्त पर एक तरीके का ही फल खाए। तरबूज, केला,  खरबूजा, अमरूद, शरीफा, पानी फल, नारियल को फल में ले।

जीवन शैली- 1. सुबह खाली पेट हर्बल जूस लें। जैसे कि नारियल पानी,  दुर्वा ग्रास का जूस, बेलपत्र का जूस, खीरे का जूस, सफेद पेठ का जूस बनाना स्टेम का जूस।

2. सूर्य के रोशनी शरीर में लेट कर लगाएं। सिर और आंख को सूती कपड़ा से ढक लें। ऐसा 20 मिनट करें। सूर्य उदय के एक घंटे बाद का धूप या सूर्य अस्त के एक घंटे 1 का धूप बहुत अच्छा होता मगर धूप यदि सिर और आंख को ढक कर लें तो किसी भी वक़्त धूप ले सकते हैं। सफेद दाग जहां पर है वहां पर खीरा और नीम का पेस्ट लगाएं। 20 मिनट बाद इसे सादे पानी से साफ कर लें।

3. नाश्ते में केवल मौसम के फल केवल एक प्रकार के लें।

4. दोपहर में सलाद बिना नमक नीबू के लें।

सलाद को अकेले पूर्ण खुराक के रूप में लें। उसके साथ या बाद में पका हुए भोजन को ग्रहण ना करें। सलाद का पाचन समय 5 घंटा है तो पांच घंटे के बाद रात का भोजन लें।

रात के भोजन में 70% सब्जी डालें और 30% अनाज या millet लें। पका हुआ भोजन 35 साल से ऊपर के सभी व्यक्ति को दिन में केवल एक बार पका हुआ भोजन का सेवन करना चाहिए। यदि स्वास्थ में किसी प्रकार का कमी हो तो एक वक़्त का पका हुआ भोजन भी नहीं लेना उत्तम होता है। ये जीवन शैली में अनिवार्य रूप से उतारने से स्वास्थ उत्तम होता है।

5. पानी को या जूस को मुंह में घूंट भर कर रखे फिर घूंट को अंदर लें इससे आपका मुंह का लार जूस में मिल कर सुपाच्य प्रोटीन का निर्माण करता है जो कि शरीर की जरूरत है।

फल या सलाद को खूब चबा कर खाएं। ऐसा करने से शरीर 

को इन के पोषक तत्व ठीक प्रकार से मिल पाते हैं। फल और सलाद ठीक प्रकार से चबाने से हमारा लार उसके साथ मिलकर के कई विटामिन और कई मिनरल्स खुद से क्रिएट करता है जो कि हमारे शरीर का अहम घटक है।

6. हफ्ते में एक दिन उपवास करने से शरीर को मौका मिल जाता है स्वता ही पूरे शरीर की आंतरिक सफाई का जो कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अहम भूमिका निभाता है।

उपवास का मतलब यह है कि आपका 2 बार का भोजन ना लें जैसे सुबह का नाश्ता दोपहर का खाना ना लेकर सीधा शाम को ले या हो सके तो पूरे दिन का उपवास रखें शाम को भी कुछ ना ले। प्यास लगने पर पानी घूंट भर कर रखें फिर अंदर गट करें।  पानी पेट भरने के लिए ना पीएं केवल प्यास बुझाने के लिए,  मुंह में घूंट भरते ही दो से तीन घूंट आपके प्यास को बुझा देगा।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



10:56 AM | 10-12-2020

Hello Rajkumar,

As you said you are suffering from vitiligo which is an autoimmune disorder but it can be treated by a correct diet and pranayam. Vitiligo is a condition in which white patches appear on the skin. It occurs when the cells forming melanin are damaged or stop functioning. 

Here is the diet and other things like exercise or yoga which needs to be followed for improving your health.

Diet

  • Start the day with 3 to 4 glasses of warm water on an empty stomach. This will help to detoxify the body. 
  • Eat only plant-based natural foods.
  • Include sprouts, salads, nuts, and beans.
  • Have soaked raisins and other dry fruits. 
  • Include fresh, seasonal, and locally available fruits and vegetables. 
  • Drink coconut water. 
  • Have while grains like barley, millets, oats, etc.
  • Drink sufficient water during the day to be hydrated. 

Foods to avoid

  • Avoid processed and packaged foods. 
  • Avoid tea, coffee, and other caffeinated drinks. 
  • Avoid carbonated drinks. 
  • Avoid dairy food items and animal foods.
  • Avoid refined grains, refined sugars, and refined oil as it may worsen the condition. 
  • Avoid oily and spicy foods.

Yoga and pranayam 

Yoga and pranayam are very effective in vitiligo. They improve blood circulation in the body. 

  • Perform pranayam for 15-20 min daily, specially Bhramri, Sitkari, Sitali, Nadishodhan and Kapalbhati pranayam. 
  • Do suryanamaskar daily. 
  • Do some asana also like bhujanga asana, trikona asana, gomukha asana.

Sleep

Sleep plays an important role in maintaining the circadian rhythm and hormonal balance. 

Hence, take proper sleep of at least 7-8 hours daily. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Thank you 


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